Success Story Of Colonel Sanders: हजारों बार फेल हुए फिर 65 की उम्र मे खड़ा किया हजारों स्टोर वाला रेस्टोरेंट

पूरी दुनिया मे हजारों लाखों मे से कुछ ऐसे लोग है अगर वह जिंदगी मे कुछ करने  की ठान ले तो उन्हे दुनिया की कोई भी ताकत, कोई भी परेशानी, कोई भी मुसीबत कुछ करने से रोक नहीं सकती हैं। ऐसे ही लोग जिनके ऊपर कुछ करने का पागलपण सवार हो जाता है वही दुनिया को कुछ ऐसा करके दिखा देते हैं जिससे वह पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल बन जाते हैं। ऐसी ही उदाहरण के एक सबसे बड़े मिसाल है KFC के फाउन्डर कर्नल सैंडर्स.

आप बताओ एक इंसान अपने पूरी जिंदगी मे कितनी बार fail हो सकता हैं, 5 बार, 10 बार, या 100 बार .. इतनी बार अगर कोई इंसान By Chance अगर fail भी हो जाता है और टूटे न, हार न माँने, अपना हौसला न खो दे, ऐसा इंसान पूरी दुनिया मे लाखों मे से कोई एक हो सकता है। ऐसी ही अपने आप मे एक बहूत बड़ी मिसाल है कर्नल सैंडर्स

हजारों बार फेल हुए फिर 65 की उम्र मे खड़ा किया हजारों स्टोर वाला Resturant
Unhearded Story of KFC | Sucesss Story of Colonel Sanders

जिन्होंने अपने जिंदगी मे 5 बार नहीं, 20, बार नहीं, 100 बार नहीं बल्कि 1009 बार जिंदगी मे फेल होने के बाद भी हार नहीं माँने और इन्होंने उस उम्र अपनी जीवन बदल देने वाली करिअर शुरू की जब 65 की उम्र होने के बाद लोगों को लगने लगता है की वह अब बूढ़े हो चुके है, उनका अब retirement का समय या गया है अब वह कुछ नहीं कर सकते हैं, उस 65 साल की उम्र मे कर्नल सैंडर्स ने kfc शुरुआत किए और आज यह दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी Resturant Chain हैं,

तो चाहिए KFC के फाउन्डर कर्नल सैंडर्स की जिंदगी मे हजारों बार फेल होने से लेकर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी restaurant chain बनाने तक की खूब जादा असफलताओं, और विफलताओं से भरी कहानी जानते है-

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5 साल की उम्र मे ही पिता दुनिया छोड़कर चले गए

KFC के फाउन्डर कर्नल सैंडर्स का जन्म 1980 मे अमेरिका के इंडियाना राज्य मे पिता विल्बर डेविड और माता मार्गरेट एन सैंडर्स के यहा हुआ था, यह अपने माता पिता के तीन बच्चों मे से बड़े थे, पिता जी 80 एकड़ के खेत मे काम किया करते थे, उनका पैर टूटने के कारण वह दो सालों तक हेनरीविल मे कसाई के रूप मे काम कीये। कर्नल सैंडर्स की माँ हर रविवार को अपने बच्चों को बुआइयाँ के बारे मे चेताया करती थी। जब साइंडेर पाच साल के थे तभी उनके पिता जी का मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद उनकी माँ को Tomatoto Cannery मे काम मिला, पिता के न होने की वजह से सैंडर्स को मात्र सात साल की उम्र मे भाई बहन का देखभाल करना पड़ा।

7वीं कक्षा मे पढ़ाई छोड़ दिए थे

सात साल की उम्र मे ही उन्होंने अच्छे से खाना बनाना सीख लिया था। जब सैंडर्स 10 साल के थे तभी उनकी माँ ने दूसरी शादी कर ली थी। सैंडर्स का अपने सौतेले पिता के साथ खराब संबंध था, जिससे 12 साल की उम्र मे जिम्मेदारी की वजह से Haarland सैंडर्स सातवी कक्षा मे पढ़ाई छोड़ दिए और पास के एक खेत मे काम करना शुरू कर दिए। मात्र 13 साल की उम्र मे उन्होंने अपना घर छोड़ दिए और इंडियनपोलिश मे घोड़े की गाड़ियां को पेट करने का काम करने लगे।  फिर जब वो 14 साल के हुए तो दक्षिण इंडियना खेतों मे काम करने के लिए चले गए।

झूठ बोलकर आर्मी की नौकरी किए थे

1906 मे मात्र 16 साल की उम्र मे हरवाल्ड सैंडर्स अपना उम्र गलत दिखाकर Unitedstate army जॉइन कर लिए लेकिन फिर उन्हे 1907 मे सम्मन से छुट्टी दे दी गई। फिर वह कुछ दिनों तक पेट पालने के लिए लोहार का काम किए, दो महीने बाद साफ सफाई का काम किए फिर लगातार 3 साल तक fireman के रूप मे काम किए।

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टायर बेचने का करना पड़ा था काम

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1909 मे जब सैंडर्स 19 साल के हुए तो उन्होंने शादी कर लिया और रेल्वे मे काम करते हुए कुछ विवाद की वजह से उन्होंने रेल्वे की नौकरी छोड़ दी। 20 साल की उम्र मे उनकी पत्नी भी उन्हे छोड़ कर चली गई। कुछ समय बाद उन्होंने little Rock 3 सालों तक law की practice किए लेकिन कुछ विवाद की वजह से उनका law का career भी पूरी तरीके से खत्म हो गया।  इसके साथ साथ जीवन मे उन्होंने अपना खर्च चलाने के लिए कई सारे काम किए, जैसे कभी insurance बेचने का काम तो कभी क्रेडिट कार्ड बेचने का काम ये काम तो ठीक था लेकिन जीवन मे इतना खराब समय आ गया था की उन्होंने टायर बेचने,लैप बनाने और नाव भी चलने का काम किए थे पर उन्हे उन कामों मे कोई Interest नहीं आया।

जिंदगी मे कभी खुद को कर्नल सैंडर्स ने बिखरने नहीं दिए

और तब तक तो सैंडर्स की उम्र भी 40 पार हो चुकी थी, जिंदगी मे मिल रहे बार बार failures के कारण उनके मन मे कही कही तो हटास जरोंट था लेकिन कुछ करने का जुनून, कुछ करने का जसबा उन्हे टूटने, बिखरने नहीं दिया, एक बार फिर से हिम्मत जूता कर सैंडर्स ने चिकन दिसहेस बेचना शुरू किए। शुरुआत मे उन्होंने अपने चिकन का स्वाद लोगों को बताने के लिए उसे फ्री मे बाटते थे, जब लोगों ने पसंद किया तो उन्होंने शुरू कर दिया सड़क के किनारे restaurant। उनका यह business बहूत ही तेजी से चल पड़ा।

ऐसे पड़ा Haarland David Sanders का नाम कर्नल सैंडर्स

फिर एक दिन kentcky के गवर्नर उनके restaurant पर आए थे जब उन्होंने सैंडर्स का चिकन खाया तो उन्हे बहूत ही पसंद आया और haarland सैंडर्स को कर्नल की उपाधि भी दे दी। तब से वह कर्नल सैंडर्स के नाम से जाने जाने लगे। लेकिन उनके जीवन मे फिर से एक मुसीबत आ पड़ी – जिस जगह पर कर्नल सैंडर्स का restaurant था वहा पर एक highway बनने की वजह से उनका restaurant पूरा टूट गया। फिर उन्हे एक आडिया आया, उन्होंने सोहा क्योंन अपनी recipe दूसरे restaurant को दिया जाए और profit कमाया जाए।

1009 बार कर्नल सैंडर्स Reject हुए

वह पहले restaurant पर गए लेकिन वहा पर उनके recipe को reject कर दिए गया। दूसरे restaurant पर गए वहा पर भी reject, तीसरे पर गए वहा पर भी reject ऐसे करते करते कर्नल sanders की recipe 10, 20 बार नहीं पूरे 1009 बार रिजेक्ट हुई, उसके बाद पहली बार उके recipe को एक restaurant ने Accept किया और वही से 65 साल की उम्र मे सैंडर्स की kfc यानि Kentucky fried chicken की सफलता शुरू हो गई फिर क्या देखते ही देखते KFC की Frenchise दुनिया के अलग अलग देशों मे भी पहुच गई।

पूरी दुनिया मे फैलाएं KFC का Frenchise

साल 1964 तक kfc का लग भग 600 frenchise खुल गई थी। फिर कर्नल सैंडर्स आगे kfc को 2 million डॉलर मे investors को बेच दिए। डील मे यह बात पक्की की गई की kfc पूरी दुनिया मे अपने खुद के restaurant बनाएगी, और कभी भी quality के साथ कोई भी समझौता नहीं करेगी। सैंडर्स को जीवन भर 40K डॉलर सैलरी देने की भी डील हुई जो बाद मे चलकर 75K डॉलर हो गई।  फिर 1980 मे 90 साल की उम्र मे कर्नल सैंडर्स इस दुनिया को छोड़ दिए, लेकिन आजभी kfc पर बना कर्नल सैंडर्स का Logo चिकन खाने वालों को उनका याद दिलाता है, और आपको जानकार बहूत हैरानी होगी आज kFC पूरी दुनिया मे 150 देशों मे 22000 से जादा stores के साथ फैली हुई हैं।

कर्नल सैंडर्स की सफलता की कहानी

इस प्रकार से कर्नल सैंडर्स ने खूब जादा ठोकरे खा कर  65 साल की उम्र मे kfc को शुरू करके उसे दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा restaurant बनाए। हमे कर्नल सैंडर्स से सीखना चाहिए की जिंदगी मे कुछ भी करने के लिए उम्र केवल एक नंबर है और कुछ नहीं, कुछ लोग 20 साल की उम्र मे सफल हो जाते हैं तो कुछ लोग 30 की उम्र मे तो ककुह लोग 40 उम्र मे तो कुछ लोग 60 की उम्र मे सफल हो जाते हैं, so न ही आप सफल होने के लिए late हुए न  ही जल्दी हो आप एक दम टाइम पर हो, जो चीज आपको पसंद है उस चीज को करने के लिए risk लो और कुछ भी छोटे से शुरुआत करने से भयभीत मत होवो क्योंकि हर एक बड़ी कामयाबी की शुरुआत छोटा से ही होती हैं।

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